साहित्य
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मज़दूर
गर्मी में झुलसते हैं,सर्दी में ठिठुरते हैं। बारिश में भीगते हैं,अथक परिश्रम करते हैं।। ले आरजू काम की,रोज घर से…
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समय का चक्र परिवर्तन
19वीं सदी में लोग संयुक्त परिवार में रहते थे। आपस में मिलजुल कर एक छत के नीचे खाना खाते थे।…
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श्रृद्वांजलि आशा भोंसले जी
भक्ति भाव को रख हृदय में,कभी भजन को गाया तुमने दर्द भरे नगमे कभी गाए, कभी प्रेम बरसाया तुमने ।…
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मिला जो मन का मीत
सूना -सूना था ह्रदय मेरा, सूना- सूना था अंतर्मन, जैसे थका मुसाफिर ठहरा हो, सूना हो घर आँगन। ना शब्द…
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बीस बरस का साथ
बीस बरस यूँ बीत गए, जैसे एक ही पल हो, कुलदीप के संग ऋतु का हर दिन सुनहरा कल हो।…
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जागृति
शहर की भागती सड़कों पर ठहरी सी है एक पुकार, भीड़ में खोता इंसान, ढूँढ़े अपना ही आकार। मोबाइल की…
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अगर दीवारें बोलतीं
अगर दीवारें बोलतीं ,तो कह देती अपने मन की व्यथा अनसुने से कुछ ऐसे किस्से या किसी के मन की…
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हारसिंगार पर हाइकू
१ ईश – सा एक दिव्य हरसिंगार नाम अनेक। २ कई नाम हैं प्राजक्ता , शेफाली भी हारसिंगार के ।…
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पर अब उमर का भी तक़ाज़ा है
भाई ऐसी क्या बात कर दिया, मेरा सदा से स्वभाव ही है ऐसा, पर अब उमर का भी तक़ाज़ा है,…
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मन के दोहे
सच्चे मन की साधना, मिल जाएं रघुराज। हर साधक की कामना, प्रभु दर्शन हों आज। मेरे घर पधारो हे, सीता…
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