साहित्य
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विश्व आवाज़ दिवस
आवाज़ सिर्फ शब्द नहीं, दिल की भावनाओं का आईना होती है। मीठी और सच्ची आवाज़, हर दिल तक अपनी जगह…
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हर पल एक गीत गाए हम
राधे कृष्ण को सजाए हम, हर पल एक गीत गाए हम। राधे कृष्ण सा साथ हो , जीवन में सब…
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गजल
तुम्हारे ख्यालों की महक जो उड़ी , मेरी धड़कनों की वो ग़ज़ल बन गई। ख्वाबों के आंगन में खिलती हुई,…
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प्रेमचंद जी की रचनायें मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया है (संस्मरण)
मैं हिंदी में अगर सबसे ज्यादा किसी साहित्यकार को पसंद किया तो वे मुंशी प्रेमचंद जी हैं। उनकी कहानियों को…
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मौन के अंतराल में
भीड़ की इस गूँज से जब कट के तन्हा होती हूँ, मौन के उस शून्य में मैं ख़ुद को गहरा…
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कृष्ण मथुरा लीला
वृंदावन की गलियों से जब बंसी की धुन थम गई, यशोदा की आँखों में चुपचाप पीड़ा जम गई। कान्हा चले…
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चम्बल की नियति
ना गंगा बन पाई, ना यमुना बन पाई, मुझे चम्बल बनना था, मैं चम्बल ही बन पाई। पाप धोने थे…
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ज़िन्दगी
ज़िन्दगी जब समझ में आती है तब तक उम्र गुज़र जाती है!! दिल से खेलना कोई उनसे सीखे हमारी तो…
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मत्तगयन्द सवैया
घाट बनारस के अति पावन , है वट वृक्ष जटा सॅंग प्यारा। शीतल छाॅंव भली लगती , हरती सब है…
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आदित्य सिया-राम मय भारत है
श्रीराम जय राम, जय जय राम, है अवध पुरी अति पावन धाम, रघुकुल रीति ही जहाँ की शान, प्राण जायँ…
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