साहित्य

  • रास्ते

    असफलता के दो होते हैं रास्ते, दोनों ही दिखते हैं आसान। पहला,बिना सोचे काम करना, दूजा,रहना अकारण परेशान। बिना सोचे…

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  • नारी,तुम केंद्र,तुम धुरी,सृष्टि की रचनाकार हो

    1 तुम केंद्र तुम धुरी तुम सृष्टि की रचनाकार हो। तुम धरती पर मूरत प्रभु की साकार हो।। तुम जगत…

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  • वीर छत्रपति शिवाजी

    वीर सपूत साहस भरकर, जब रण में संग्राम किए। स्वाभिमान रख धर्म बचाया, जीवन भर आगे ही रहे।। वीर शिवाजी…

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  • शिव पार्वती विवाह

    आया है शिवरात्रि का, अनुपम दिवस महान। शिव पार्वती विवाह में, सखियाँ करती गान। लाल वसन शोभित उमा, वर माला…

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  • स्वदेशी माटी की खुशबू

    देश की मिट्टी का महत्व ही,तो सबसे ज्यादा होता है। भारत भूमि बड़ी पावन ये,इससे अपनापन होता है।। सब के…

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  • ग़ज़ल

    प्रेम पावन है जहाँ में बात यह सबको बताएंँ। साथ मिलकर गीत नगमे आइए हम गुनगुनाएँ।। जिंदगी की राह दुर्गम…

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  • छत्रपति शिवाजी 

    सन सोलह सौ तीस में,जन्मा वीर महान। छत्रपति इस नाम से , है उनका सम्मान।। * शाह राव के पुत्र…

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  • वीर शिवाजी 

    सह्याद्रि गूँजे वीर पुकार स्वराज्य ज्योति जगे तुम्हारे लिए मातृभूमि के अटल सिपाही शौर्य अमर रहे तुम्हारे लिए किला किला…

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  • एक ग़जल

    न उनके लिए अश्क़ अपने बहाएँ। तुम्हें छोड़ जो गैर सँग मुस्कुराएँ।। किसी नज़्र से खौफ़ मुझको नहीं है मिली…

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  • गणपति वंदना

    सब देवों में प्रथम तुम्हीं हो, सिद्धिविनायक दाता, विघ्न विनाशक मंगलकारी, जग के पालनकर्ता। सबके हितकारी प्रभु तुम, करुणा द्वार…

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