साहित्य
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नहीं आना आंगन दोबारा (कहानी)
“माँ क्यों करतीं हो किचकिच तनुश्री ठीक ही कह रहीं हैं ” कहते हूए आभा ने माँ के हाथ पकड़…
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इश्क़
मैने देखा है इश्क़ में अब लोग अपने ईमान से गिर जाते हैं, चढ तो जाते है पर उतरते हुए…
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बेवजह बहस से बहस जीतती रिश्ता हार जाता है
** बेवजह बहस से बहस जीतती रिश्ता हार जाता है। कटुता भी आ जाती और अपनापन बाहर जाता है।। **…
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प्रभु जी तुम्हारी इच्छा
जो भी करोगे अच्छा प्रभु जी तुम्हारी इच्छा। पार लगाओगे तुम ही मैं हूं तुम्हारा बच्चा। दुख दर्द जब सताए…
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मुझे मिल गया मन का मीत
मुझे मिल गया मन का मीत झंकृत हुई हर्ष की सरगम , मीत से जुड़ी सजी एक प्रीत गाथा शाश्वत…
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हँसी का बैंक
आज खुला है बैंक निराला, नाम है इसका “हँसी का ताला”। नोट नहीं, यहाँ ठहाके चलते, मूर्ख दिवस पर सब…
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नशा ना करना तुम देखो ….
नशा ना करना तुम देखो,सब कहते बड़ी बीमारी हैl जिसने किया नशा इस जग में,हसीँ जिंदगी हारी है।। गिरवी रख…
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माँ
गुण तुम्हारा गाऊँ माँ आठों याम अविराम कृपा से तेरी देखी दुनिया देखा सुखमय धाम.. गुण। आँचल की प्यारी छाया…
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प्रिय बेटी के जन्मदिन पर
मेरी बेटी जब बहुत छोटी थी मेरे,पत्नी और भतीजे बाला जी के साथ भैरहवा तक यानी कि नेपाल बार्डर के…
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डॉ भीमराव अम्बेडकर जी
धन्य हुए सब भारतवासी, उन्नत मांँ का भाल हुआ । पुण्य धरा पर जन्म लिया जो,ऐसा माँ का लाल हुआ।।…
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