साहित्य
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धरा नित्य शोभे
धरा नित्य शोभे सुहाना वसंत। लुभाता लगे दिव्य सारा दिगंत॥ सुहानी घड़ी है हवा मंद मौन। पसीना सुखाये खड़ा है…
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हनुमान प्राकट्योत्सव
आओ लौट भी आओ हनुमान तुम्हें मेरे राम बुलाते हैं, तुम्हें श्री राम बुलाते हैं। • राम विलाप सुन अधीर…
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हनुमान जन्मोत्सव
अंजनी माँ का पुत्र वीर है, पवन लाल ये रणधीर है । चैत्र पूर्णिमा को जन्में हैं, ब्रह्मा से शुभ…
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तस्वीर में एक सादगी है
तस्वीर में एक सादगी है, जैसे बीते समय की कोई धीमी-सी रागिनी हो। हरे रंग की उस कमीज़ में जैसे…
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परिंदे और शिकारी
एक शिकारी परिंदो के लिए जाल बिछा गया अपनी लालच में, जाल के नीचे दाना बिखेर दिये बैठ गया उनके…
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हां देखूंगी तेरी राह
दिल तो लाखों के टूटते हैं, अपने तो बहुत बिछड़ते हैं… आज यहाँ कल वहाँ गैरों की गलियों में, हँसी…
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गाँव का पलायन
गांवों की पगडंडियाँ, सूनी-सूनी आज। मिट्टी की सौंधी महक, करती मन में साज़॥ बरगद की वह छाँव भी, अब न…
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लगती मां भगवान
भोली भाली लगे है , लगती माँ भगवान। ममता का आँचल लगे, बनकर सुखद जहान।। बनकर सुखद जहान, हरे दुख…
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कर्म- पथ
जीवन-चक्र अनवरत चलता, थमता नहीं प्रवाह, आना-जाना लगा ही रहता, यही सृष्टि की राह। मिट्टी से बने हैं आखिर हम,…
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पुण्य तिथि याने वह दिन
तुम्हारी पुण्य तिथि याने एक दिन जब तुम अपने दोनों बेटे और मेरे सामने अस्पताल का पलँग कर राम,राम, राम…
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