साहित्य
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मानव
वह मनुष्य किसी काम का नहीं, जिसमें मानवता का अंश मात्र ना हो। मानव सृष्टि की अनुपम कृति है, संवेदना…
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शिव की वंदना
विषय : शिव की वंदना शिव या हैं शंकर , या हैं शिवशंकर । औघड़ शिवशंभू , भोले या भयंकर…
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जय शिव शंकर
दीर्घ जटाओं मध्य गंगा जी विराजे विशाल ललाट शीर्ष पर मयंक साजे उर भुजंगो की माला से शोभायमान लोचन में…
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सत्य की कहानी
विषय : सत्य की कहानी मेरी दादी और नानी , नित्य निज जुबानी । एक राजा एक रानी , रोचक…
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राम तेरी आवश्यकता है
आ जाओ पुनः धर्म धरा पर राम तेरी अवश्यकता हैं। न रहा मर्यादा जग जहां मे हर प्राणी की यही…
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होली रसिया
चुम्बन ले गयो लाल गुलाल , सखि मैं कैसे तुम्हें बताऊं । कैसे तुम्हें बताऊं , सखि मैं तो कहितन…
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हौसलों की लौ
राहें चाहे कठिन हों, पथरीली हो डगर, भीतर हौसलों की लौ जलती रहे निरंतर। आंधियाँ लाख रोकें मेरे बढ़ते कदम,…
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जनकनंदिनी
धन्य हुई तू जनकनंदिनी, धन्य तेरी वह कृति रही। धन्य हुई मिथिला की माटी, धन्य तेरी संस्कृति रही।। टल न…
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ऊँ नमः शिवाय (भजन)
बसी शिवत्रिशूल पै काशी,भोले की माया है सब नेति – नेति गाते हैं ,तेरा पार न पाया है बसी….. यहाँ…
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बहुत ही लाजवाब है यह जिंदगी
1 मिल कर देखो कि प्यार का अफसाना ज़िंदगी। हर रंग को समेटे कोई तराना है जिंदगी।। ज़िंदगी इम्तेहान लेती…
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