साहित्य
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बाल धूप में नहीं सफ़ेद किए
बुजुर्ग कहते हैं कि मैने धूप में बाल नहीं सफ़ेद किए हैं, अर्थात् उनका बेशक़ीमती अनुभव उनकी उम्र के बिताये…
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गलत को गलत कहने की आदत डाल लो
व्यंग्य वाणों की कोई कमी नही है, अतः सुनने की आदत डालनी होगी, टाँगे खींचने वालों की कमी नही है,…
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धैर्य
धैर्य एक जड़ी बूटी की तरह है जो इसका उपयोग करता है वह सहज होकर दुनिया की हर समस्याओं का…
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नव जगत का संचार अखबार
नव जगत का संचार चला, हर घर ज्ञान उजागर हो, काग़ज़ पर सजी स्याही से, सच का दीप प्रज्वलित हो।…
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कानों में शहद सी घुलती बातें
कानों में शह्द सी घुलती बातें मेरे मन को छूती है तेरी बातें जब भी याद आती है तेरी…
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प्रेम कहानी
वो शर्मीला सा इक लड़का ,, वो चेहरे का भोलापन । मन्द मन्द मुस्कान थी उसकी , दिल छू लेती…
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बे सुहाने मौसम
बे सुहाने मौसम खिलखिलाने लगे। बसंत आया फिर मुस्कुराने लगे। शीत कम हुआ गुनगुनी सी धूप। बदलने लगा कुदरत का…
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क्षण-भंगुर जीवन
“क्षण-भंगुर जीवन” कुछ पलों का जीवन देकर, अपना अंश संपोषित कर, नवल श्वांस को फूंँक-फूँक कर, प्रारब्धानुसार चोला पहनाकर, कर…
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हमारे रितुल के नाम (माँ–पापा)
हमारे रितुल के नाम (माँ–पापा) जब तुम आए हमारे जीवन में, घर ने दिल से साँस ली। हँसी ने रास्ता…
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