साहित्य
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कसक
रिश्तों के दरिया में बांध उम्र का पाल, बहती है जिन्दगी की कश्ती । मिल ही जाते हैं टुकड़ों में,…
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सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को नमन
सुर साम्राज्ञी का जीवन पूरा हो गया सरस्वती पूजा व आज माँ विदा हो गई, लगता है माँ सरस्वती अपनी…
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मानव खड़ा दोराहे पर
चल देता मानव कर्मपथ अपने , बाहर निकला जब है द्वारे पर । पड़ा मन जब है असमंजस में ,…
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ये शरीर भी मिट्टी का खिलौना है
ये शरीर भी मिट्टी का खिलौना है, आज हँसता है, कल रोना है। साँसों की डोर ज़रा सी कच्ची, पल…
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शिक्षक और शिक्षार्थी
श्रेष्ठ जगत में शिक्षक होता,अक्षर-अक्षर ज्ञान कराता। शिष्यों की प्रतिभा निखारकर,मंजिल तक उनको पहुँचाता।। अध्यनरत होकर ही शिक्षक,शिक्षार्थी को पाठ…
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जिन्दगी इम्तिहान लेती है
जिन्दगी सदा आगे ही एक इम्तिहान होती है। एक लम्हा खुशी भरायादों की पहचान होती है।। एक लम्हा वह होता…
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मुँह में राम बगल में छुरी – लोकोक्ति
पोते ने दादा से पूछा, मुझको यह समझाओ, मुँह में राम बगल में छुरी इसका अर्थ बताओ। दादा बोले कोई…
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गीत
अस्त हृदय का सूर्य जब,सँग मन रहे निराश। बने प्रेरणा वर्तिका,तम का करे विनाश।। मार्ग न जब सूझे कभी,चहुँदिसि हो…
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प्रकृति का महत्व
आओ मिलकर हम सब गाएँ, प्रकृति की महत्ता बतलाएं । हरे-भरे यह पेड़ हमारे, हरीतिमा फैलाते सारे । भोजन ,छाया,ईधन…
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पुस्तक समीक्षा डा. अभि दा : एक बहुआयामी व्यक्तित्व (दि ग्राम टुडे ई-पत्रिका)
आज के समय में, जब व्यक्तित्व प्रायः प्रचार-प्रसारका उत्पाद बनते जा रहे हैं और उपलब्धियाँ आत्मप्रशंसा की मोहताज प्रतीत होती…
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