साहित्य
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तुम्हारे लिए
1* जीवन बड़ा अनुराग भरा, मिल गया रिश्ता, तुम्हारे लिए। 2* ज़िन्दगी चल पड़ी आगे, दो पहियों पर, तुम्हारे लिए।…
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भोले की भोली सूरत …
भोले नें भोली सूरत से, मन दुनिया का कैसे मोह लिया, थोड़ी-सा चंदन तन पे लगा, और अहं से नाता…
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प्यास का कल
आज भी नल से गिरती हर बूँद चुपचाप कुछ कह जाती है, पर हम हैं कि उसकी आवाज़ को अक्सर…
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दूर के ढोल सुहावने लगते हैं – लोकोक्ति
क्यों लगते हैं ढोल दूर के हमको खूब सुहाने? दादा जी ऐसा क्या इनमें लगे जो मन को भावने? दादा…
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कहती है कुछ कर कविता
कहती है कुछ कर कविता —- जीवन की रसधार कविता यादों की बौछार कविता भूखे की रोटी जैसी है सावन…
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दरबार
चोरों के दरबार में चोर ही बना चोकीदार गीध दृष्टि लगी हुई है मंच पे बैठा सरदार लाज शर्म की…
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नज़्म
मिले जब से ऱफ़ीक़-ए-ज़ा बदल दी कायनात मेरी, हर इक लम्हा मशर्रत है, हर एक साअत सौगात मेरी। तपिश जो…
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जल है तो कल है
विश्व जल दिवस पर विशेष कविता विश्व जल दिवस का संदेश, सुनो धरती के वीर, जल ही जीवन का आधार,…
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निर्मल चरित्र फायकु
मै मंदिर जाता हूँ इससे भक्ति मिलती तुम्हारे लिए। मुक्त मणि अर्पित हूं इससे सुख पाता तुम्हारे लिए। प्रभू की…
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विश्व जल दिवस
न करना जल को तुम बर्बाद जल सेही जीवन मिलता है,इतना रखना याद न…… जल-स्तर घटता जाता है ध्यान मनुज…
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