साहित्य
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हनुमंत लाल
धर्म आड़ जो पाप हैं करते। जहर बीज का बोते रहते।। कब उनका उपचार करोगे। पापमुक्त कब धरा करोगे।। सुनहु…
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लौट कर आजा मेरा बचपन
अय मेरे बचपन तुँ वापस घर आ जा मुझसे रूठ कर। तुँ हमसे दूर मत जा ये यौवन है गम…
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ग़ुस्से में धैर्य व ग़लतियाँ में झुकना
खुद को खुश करने का सबसे अच्छा तरीका किसी और को खुश करना या ख़ुश रखने की कोशिश करना, औरों…
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शिव वंदना
शिव बड़ा ही दयालु बड़ा ही भोला भाला। जटा से बहती गंगा कंठ में है नाग काला।। अंग विभूति रमाये…
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इतिहास की पहचान
ये कविता हमारे गुरु जी को समर्पित समय सिंह पुंडीर नाम है, इतिहास जिनकी पहचान, भूले पन्नों को जोड़े,…
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सरस्वती वंदना
सुर सरिता की धार वेग से, तेरी वीणा से बहती माँ। चेरी बनकर शब्द प्रतिष्ठा, तेरे पाँवों में रहती माँ।।…
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प्रेम-प्यार-ममता
माँ के प्यार का मोल नहीं,यही तो दुनिया में अनमोल। स्तन से लगा दूध पिलाए शिशु को,अद्वितीय बेमोल।। नि:स्वार्थ प्रेम…
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सा़धक
साधक करके साधना, सीखें छंद विधान। सतत् लेखनी है चले,पाकर गुरु से ज्ञान।। पाकर गुरु से ज्ञान,प्रखर क्षमता है बढ़ती।…
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शिवार्चन
शिव है सत्य शिव ही सुंदर सारी सृष्टि शिव के अंदर, जटा से बहती पावन धार शिव है जग के…
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जातिवाद की लटक गई तलवार
जातिवाद बन गई देश में राजनीति की हथियार समाज के उपर लटक गई भेद भाव की तलवार बाँट रहा है…
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