साहित्य

  • विचारों को कहती कविता

    विचारों की अभिव्यक्ति को कहती *कविता* संपादित कर भावों को उकेरती शब्दों में कागजों पर बिखर जाते कितने रूप हर…

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  • अनुभव का फ़ायदा

    अनुभव कहता है कि परवाह करने वाला मित्र, दर्द समझने वाला पड़ोसी, और इज्जत करने वाले रिश्तेदार ये बहुत भाग्यवान…

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  • ग़ज़ल

    दुआ यही मेरे परवरदिगार ईद के दिन। वतन के लोगों में हो गहरा प्यार ईद के दिन। ख़िज़ाओं का न…

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  • कठपुतलियां हैं हम

    डोर हमारी संचालित है, किसी और हाथों में। क्रूर नियति के उपादान भी, हर पल जीवन बाधित करते, राह सामने…

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  • टूटे रिश्ते

    बड़ी आसानी से टूटे हैं हमारे रिश्ते मिट चुके हैं जहांँ जज़्बात फिर कहांँ के रिश्ते!! ज़ख़म देते हैं रोज़…

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  • माँ कुष्मांडा की महिमा

    चतुर्थ दिवस का शुभ प्रभात, जग में ज्योति छाई, माँ कुष्मांडा के चरणों में, श्रद्धा शीश झुकाई। अंडज ब्रह्मांड की…

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  • हो रहा सरेआम कत्ल

    हो रहा सरेआम कत्ल,……. उन बेजुबान पेड़ों का……. लुटा रहा है अस्तित्व ……, धरती मां के प्यारो का……. सूख रही…

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  • मेरी स्कूल की दुनिया

    चार दीवारों के बीच बसी, एक छोटी-सी दुनिया थी, जहाँ हर दिन नई कहानी, हर पल में खुशियाँ जुड़ी थीं।…

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  • बाल कविता जल बचाओ

    बूँद- बूंँद वसुधा गिरती धरती को सिंचित करती हरा- भरा खुशहाल करे अन्न-फसल पैदा करती।। बूंँद -बूंँद है जल की…

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  • गणगौर

    शिव गण है गण के शिव गौरा पार्वती । पहले शिव की अर्धांगिनी थी नाम सती ।। है गणगौर त्यौहार…

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