साहित्य
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ऋतुराज
सरस सुहानी चले शीतल प्रभंजन श्रवण मस्त मगन पंछी का गुंजन अखिल उद्यान मधुमक्षिका भ्रमण सुमनो पर बहुरंगी भ्रामरी विचरण…
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काव्य के अनेक रूप
हिंद देश राष्ट्र गान, गद्य पद्य छंद गीत, लेखनी विधान मान, है अमूल्य साधना ।। शब्द- शब्द भाव देख, मीत…
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आज में रहना सीखें
जीवन हे मन आज में जिओ करो नहीं तुम कल की फिक्र, आज का सपना पूरा कर लो भूले करो…
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ओ मधुमास मेरे मन में करो वास
ओ मधुमास मेरे हृदय में करो तुम वास वन उपवन की तरह हमें भी मानो खास कलियों की ऑचल में…
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गतिस्त्वम् महा माॅं (काव्य)
मातृशक्ति को समर्पित काव्य ग्रन्थ कृतिकार – अखिलेश कुमार शर्मा प्रकाशक -ईथोस सर्विसेज हल्द्वानी -नैनीताल प्रकाशन वर्ष -2026 (प्रथम संस्करण)…
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पवन पावनी मलयज लोभे
पवन पावनी मलयज लोभे। नमन मातु वंदन नित शोभे॥ सघन वीथिका मधुमय छाया। मधुर नीर है पनघट भाया॥ तमस दूर…
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सच्चा एहसास
मैं यही चाहता हूँ एक ऐसा जहाँ बने एक नयापन हो सबका सच्चा ह्रदय हो मानवता हर जगह हो एक…
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कच्चा घड़ा
ज्यों कुम्हार माटी से घड़े को देता स्वरूप, त्यों युगल के नेह-योग उपजे बालसरूप। जुगत औ परिश्रम ही कच्चा घट…
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उठता है जो आँखों में
उठता है जो आँखों में समंदर, छोटी बातों से, रोकना कैसे हैं उसको, बताने, कौन है आता । वेदना शूल…
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तू भी क्या याद करेगी जिंदगी,,,
राहों में कांटे ही काटे बिछा दिए, दर्द को सहते भी सफर तय किया। तू भी क्या याद करेगी जिंदगी,?…
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