साहित्य
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साँझ
वो, साँझ का ढ़लना बड़ा सुहाना लगता है वो,सुनहरी आभा से धरा का नहाना, जाते हुए रेवड़ का धूल का…
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नारी शक्ति: मनहरण घनाक्षरी
बेटी बन लाड लड़ा, आंगन महकाती वही, सहनशीलता की मानो, मूरत अनूप है। पत्नी बन साथ दे जो, सुख और…
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शुरुआत
धड़कन इन्सान की ज़ुबान हो गई ज़िन्दगी की शुरुआत हों गई!! लफ़्ज़ खामोश रहे दरमियांँ दिल की दिल ही में…
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पांव मेरे हैं ज़मीन पर
पांव मेरे हैं ज़मीन पर, अंतरिक्ष भी दूर नहीं पल पल हो रही तरक्की, इसमें कोई शक नहीं। बिना ड्राइवर…
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पर्यावरण के लिए संघर्ष
हरे पेड़ जो एक तुम काटे हत्या करके जुल्म ही बाटें ! लाखों पेड़ जो रोज है कटते सौंदर्य वन…
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जीवन की जंग
ज़िंदगी ठहरती नहीं, थामे रहती साँसों की डोर, गर रुकावटों के बीच भी बना रहे हौसला पुरज़ोर। बुझती नहीं वह…
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कागज़ों का राज
झूठ के सर ताज है, कागजों का राज है घोटालों के राज़ में, उम्मीदो का साज है झूठ के सर…
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पीओके की आजादी
अब बस एक ही जतन करें ,पी ओ के की आजादी का। एक नया इतिहास लिखें हम,दुश्मन की बर्बादी का।।…
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आनंदवर्धक छंद
माँ यशोदा के बने हैं लाडले। कृष्ण छलिया है सदा सबको छले।। ग्वाल बालों संग में हैं डोलते। ग्वालिनों की…
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सबको अपने-अपने कर्मों का फल मिलता है
****** सबको अपने-अपने कर्मों का फल मिलता है। किसीको राह सुगम तो किसीको दल-दल मिलता है।। ****** स्वयं का सम्मान…
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