साहित्य
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नारी तू नारायणी हो
सृष्टि की जननी तू है नारी, नर की सच्ची नारायणी तू है। तू अन्नपूर्णा, तू वीणा वादिनी, ज्ञान ज्योति की…
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रचती सकल विधान
बनी सृष्टि की अनुपम रचना, रचती सकल विधान। सबकी खुशियों की खातिर जो, हो जाती कुर्बान। फिर भी मान नहीं…
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ऋतुराज बसंत आ गए
रंग वासंती … धरा पर छा गए, देखो-देखो ऋतुराज बसंत आ गए। 1- शीत प्रपात से मुरझाई लता को, जीवन…
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अमूल्य धरोहर : मां
मां मेरी अलौकिक निधि, जग जननी है मेरी। भाग्य फैसला करने वाली, अमूल्य धरोहर है मेरी। संस्कृति को बढ़ाने वाली,…
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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। प्यार का अनुपम संदेश अपनाओ। बेटी का भ्रूण हत्या है पाप, यह है जघन्य अपराध। यह…
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यह दुनिया अब आभासी है!
आजकल मेरे सभी दोस्त, नाते-रिश्तेदार व पड़ोसी रहते हैं, मेरे मोबाइल में; हाँलांकि उनके पास एक अदद मकान भी है…
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एक पेड़ ऐसा उगा
एक पेड़ ऐसा उगा, करे वैद्य का काम। उसके पाँचों अंग ही, आवें सबके काम।। उसकी शीतल छाँव में, सोते…
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नारी (गीत)
है अबूझ एक पहेली सी, सौम्य रमणीय नारी। छली गई जिस भी युग प्यारी, पड़ी सदा ही भारी।। है भविष्य…
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बेबस दिल
आख़िर क्यों हमारे साथ ऐसा होता है दिल टूटता और बड़ा बेबस होता है!! रिश्ते-नाते दोस्त सभी परखे जा चुके…
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गधे को बाप बनाना – लोकोक्ति
पोते ने दादा से पूछा , मुझे बताओ आप, कैसे लोग बना लेते हैं गधे को अपना बाप? दादा बोले…
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