साहित्य

  • देश

    उन्नति हो इस देश की,प्रगति करे दिनरात। राष्ट्र जागरण कीजिए, पायें शुभ सौगात।।1।। राष्ट्र चेतना हो सजग, जन जन पहरेदार।…

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  • बसंत ऋतु का आगमन

    मुस्काती हंस हंस गाती कलियां पुरवा पंख डुलाई है उपवन में छाई हरियाली नील गगन में उड़ते पक्षी सबके मन…

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  • मत्तगयंद सवैया

    सुंदर सूरत बालक देख यशोमति आज हुई मतवारी।। पैंजनिया पग में पहने शिशु गोकुल राह करे उजियारी।। मोर शिखा सिरमौर…

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  • मेरे प्यारे दोस्त

    मेरे प्यारे दोस्त, तू साथ हो तो बात बने, सूनी सी राहों में भी बरसात बने। तेरी हँसी की गूँज…

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  • गुणवान को कष्ट भोगना पड़ता है

    उनका कहना कि नींद आये न आये, रात में चिराग़ बुझाना ही पड़ता है, क्योंकि रात भर किसी का उन्हें…

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  • गजल

    गमों को भुलाए नए साल में सब, खुशी ही लुटाए नए साल में सब। फिजाओं में रंगत हंसी वादियां ये…

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  • धैर्य

    धैर्यता को धारिये ,मन से न हारिये होगी जीत एक दिन ,साहस को सवांरिये नौ महिने स्पेस में,कितने कष्टों को…

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  • नज्म

    बस मेरी इनायत की सज़ा दी गई उसे खुलेआम मोहब्बत की सज़ा दी गई उसे पहलू में था जो, मेरे…

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  • मुर्गी और उसके चूजे

    मुर्गी मुर्गी रोज दाना चुगती अपने चूजे के साथ रहती चूजे खूब मस्ती करते इधर-उधर दौड़ करते मुर्गी रोज चूजों…

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  • क्षिति

    मातृवत् ही यह क्षिति, धारण करे इंसान को, यह जमीं वह शै है जो, पाला करे इंसान को। जिन्दगी भर…

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