साहित्य
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साहित्य के उज्ज्वल नक्षत्र
साहित्य के गगनांगन में एक दैदीप्यमान नक्षत्र जिसने साहित्य को आलोकित कर ज्ञान की किरणों को पाठकों के बीच पहुँचाया।…
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हरित धरा का संदेश
पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण विषयक मौलिक दोहा-संग्रह) १ धरती का श्रृंगार हैं, तरुवर सुंदर छाँव। इनसे ही मुस्कान है,…
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मोहल्ले की आवाज़ें और एक लड़की का जवाब
जब भी कोई लड़की घर की दहलीज़ लाँघकर अपने सपनों की तरफ पहला कदम बढ़ाती है, तो रास्ते से पहले…
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किताबों से प्रेम
संगीत रस जीवन सुधा, मन को दे आराम । ज्ञान सरीखी पुस्तकों, करती सदा कल्याण ॥ सुर ताल जब…
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आप ने क्या सुख खोया, कोई लेना देना नहीं, क्या सुख मिल रहा सब कि नज़र
बड़ी अजीब दुनिया में जी रहा हूं, जहां आप के कितने ही करीब का हो, उसे इस बात से कोई…
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जंगल : प्राणवायु है धरती के फेफड़े है जंगल
वो पीपल का पत्ता जो रात में भी ऑक्सीजन देता है। वो बरगद की जड़ें जो जमीन…
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प्रवृत्तियाँ या विकार
मानव जीवन की समस्या है कि जिन प्रवृत्तियों को हम विकार मान लेते हैं, और निंदा करते हैं वे प्रवृत्तियाँ…
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साफ नियत नियम से चलो मिलता ईनाम बहुत है।
नियम से चलो तो आराम बहुत है। ईमानदारी का अपना ही ईनाम बहुत है।। शिष्टाचार को बनाओ जीवन का अंग।…
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एक दिन कहानी बन कर रह जाता है आदमी
जीवन में इतना सब नहीं होना सामान चाहिए। क्यों भर रहे इतना कुछ कि होना आराम चाहिए।। जीवन के अंत…
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शब्द साधना “ढल जाता है
वक्त की धूप में हर शख़्स बदल जाता है, आदमी कितना भी मज़बूत हो, ढल जाता है। कल तलक…
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