साहित्य
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समय सबसे बलवान् है
वक्त की धूप – छांव की तरह, रंग हमारे भी बदलते हैं। हालात की हवाओं क़े संग रिश्तों के अर्थ…
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एक-न-एक दिन
*क्षणिकाएंँ* हबस के पुजारी फेंकते हैं प्रेमजाल का पासा करते हैं निरंतर प्रयास यही सोचकर कि एक-न-एक दिन तो पूरण…
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सुंदरता की तारीफ
एक सहेली ने अपनी सहेली की सुंदरता की तारीफ की तो वह खुद अपनी सुंदरता की बगीचा ही लगा दिया।…
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सुंदरता की तारीफ
सुंदरता की तारीफ (हास्य-व्यंग्य) ——— एक सहेली ने अपनी सहेली की सुंदरता की तारीफ की तो वह खुद अपनी सुंदरता…
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गर्मी के दोहे
गर्मी भीषण पड़ रही, अंदर बाहर भाप। कहर ढा रहा आज भी, सूर्य देव का ताप।।1 जीवन के संघर्ष…
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ये शहर के लोग बड़े मतलबी होते है
ये शहर के लोग बड़े मतलबी होते हैं चेहरों से मीठे मगर अंदर से खोटे होते हैं दिल के करीब…
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अलिखित कविता’
मैंने कुछ कविताएँ कल लिखने के लिए छोड़ दी हैं जो मुझे आश्वासन देती हैं कि मैं कल भी ज़िंदा…
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रह गुज़र
चले जा रहा हूंँ ना मंज़िल का पता है ना रास्तों का, मंज़िल मिलेगी या नहीं किसको पता, तनहाई में…
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अगर शब्दों को आँसू आते
अगर शब्दों को आँसू आते -तो…! हर अधूरी कहानी भीग जाती, जो बातें हम कह नहीं सकते, वो कागज़ पर…
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विश्व पर्यावरण दिवस
1. पौध रोपते फोटो खिंचवायी फिर पौधे पर ध्यान नहीं । अखबारों में सुर्खियाँ पायी एक झलक मुड़ देखा नहीं…
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