साहित्य
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प्रकृति और संतुलन
प्रकृति का संतुलन एक पारिस्थितिक सिद्धांत है जो बताता है कि प्रजातियों के बीच परस्पर क्रिया (जैसे शिकारी-शिकार) और पर्यावरणीय कारक…
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खबसूरती के दाग़
कितने ही डालियाँ सजी होंगी फूलों से, कितने ही फूलों की डोली, उठी होंगी भॅंवरों से… कितने ही फूलों…
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हनुमान जयंती विशेष
हे महावीर, चिरंजीवी, पवनसुत रामदूत हनुमान जी। कर देना पूर्ण सबके काम जी। श्रीमंत बुद्धि, विद्यावान सिंदूर चढ़ाएं,पूजन करें करते…
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मेरी पहचान
मेरी पहचान मेरी पहचान किसी नाम की मोहर नहीं, न ही चेहरे की झलक भर— मेरी पहचान तो मेरे…
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नौतपा
है जयेष्ठ अति रेक , कथा पुरुषोत्तम होती। देख नौतपा तेज , कहीं मंदिर जन बोती। जन जीवन बेहाल, त्रस्त…
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महावीर हनुमान जयंती
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा है,हनुमान जी का जन्म दिवस। स्नान दान व्रत पूर्णिमा,महावीर का जन्म दिवस।। पितु केशरी-मातु अंजना के,गर्भ…
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गीता महिमा
कुरु क्षेत्र में देख स्वजन, आकुल पार्थ अपार।। गात कंपहि अश्रु स्रवत, करता आर्त पुकार।। ********************* केशव कैसे करूँ मैं,…
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तुम्हें देखकर अंकुरित प्रणय
जैसे यह आई उषा किरण , निशा का प्रलय हो गया । तुम्हें देख अंकुरित प्रणय , चुपके तम भी…
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भीड़ में भी मन अकेला
एक खूब सूरत बगीचा होता इसे देखने केलिए लोग आता रंग बिरंगी फूल से शोभित होता हरियाली से बगीचा सुंदर…
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