साहित्य

भारत नीति शांति दूत की

डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण

पश्चिमी देशों में छिड़ा महायुद्ध
धधक रही है दुनिया सारी।

ईरान से दूरी बढ़ा रहे हैं
अमेरिका इजराइल
भारत अपनी शांति नीति से ही
कैसे आए शांति

गैस तेल पैट्रोल की किल्लत
मिसाइल बम मिडिल ईस्ट में
डौॢन चला रहे हैं।
अफबाहों से खेलें होली। भारत अपनी शांति नीति दूत रहा
बात बीच में न बोली।
कैसे आए शांति।।

एक दूसरे पर धोखा धड़ी का
लगा रहे इल्जाम।
संयम अपने आप पर रखना फिर करना है काम।
संयम रखकर शांति दूत का करना है सहयोग।
सारी दुनिया धधक रही है।
शांति मन रहे न सोच
तो कैसे आए शांति।

शांति दूत बनकर उसने हरदम साथ निभाया
कभी नहीं बेचारा बनकर नहीं चलकर आया।
वक्त बदल गया शांति दूत का आंख तरेर कर आया
सारी दुनिया धधक रही है,
प्रश्न बड़ा ज्वलंत है?
कैसे आए शांति

स्वरचित
डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण
छतरपुर मध्यप्रदेश

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