
मानवता के मन-मन्दिर में
ज्ञान का दीप जला दो,
करुणा निधान भगवान मेरे
भारत को स्वर्ग बना दो!
दुःख दरिद्रता का नाश करो,
मानव के कष्ट मिटा दो!
अमृत की वर्षा बरसाकर,
भूख की आग मिटा दो
खे़तों में हरियाली भर दो!
धान के ढ़ेर लगा दो,
करुणा निधान भगवान मेरे
भारत को स्वर्ग बना दो।
नव प्रभात फ़िर महक उठे
मेरे भारत की फ़ुलवारी,
सब हो एक समान जगत में
कोई न रहे भिखारी।
एक बार माँ वसुंधरा को
नव श्रृंगार करा दो,
करुणा निधान भगवान मेरे
भारत को स्वर्ग बना दो।
-डॉ. दक्षा जोशी ‘निर्झरा ‘


