साहित्य

प्रकृति का संदेश

सौ, भावना मोहन

जीवन में हर पल हमको,

प्रकृति दे रही है संदेश।

जल बचाओ वृक्ष लगाओ,

हरा भरा करो अपना देश।

 

पेड़ों की तरह बनो महादानी,

हर पल बस देते रहते हैं।

फूलों की तरह खुशबू बांटो,

हर पल खिलते रहते हैं।

 

पर्वत की तरह अडिग बनो तुम,

सूर्य की तरह चमकना सीखो।

नदियों की तरह बहते रहो तुम,

कोयल की तरह गाना सीखो तुम।

 

उड़ान दो जीवन को पंछियों की तरह,

जानवरों से सीखो वफादारी।

सब से मिलकर प्यार से रहो,

पेड़ों से सजाओ वसुंधरा प्यारी।

 

पांच तत्वों का रखो हमेशा मान,

जीवन में खुशहाली आएगी।

प्रकृति देती यही संदेश हमें,

मेरे संरक्षण से जिंदगी मुस्कुराएगी।

 

सौ, भावना मोहन विधानी ✍️

अमरावती महाराष्ट्र।

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