साहित्य

घर-घर तिरंगा लहराना है, सोने की चिड़िया वाला हिंदुस्तान कहलाना है

एस के कपूर

आज विश्व के गौरव हम,

बड़ा है सबसे लोकतंत्र।

हमारा संविधान ही सूत्र,

माला में बंधे गणतंत्र।।

विभिन्न धर्म भाषा विविधता,

एकता मन्त्र हमारा।

आज आत्म निर्भर भारत,

महान हमारा तंत्र।।

*2.*

नमन है उन शहीदों को जो,

देश पर कुरबान हो गए।

वतन के लिए देकर जान,

वह बेजुबान हो गए।।

उनके प्राणों की कीमत से,

सुरक्षित है देश हमारा।

उठ कर जमीन से ऊपर,

जैसे आसमान हो गए।।

*3.*

राष्ट्र के हर एक घर -घर में

तिरंगा हमें लहराना है।

सम्पूर्ण संसार में शान्ति का,

संदेश हमें फैलाना है।।

प्रेम, न्याय, समता, का है,

विश्व दूत बनना हम को।

सोने की चिड़िया वाला,

फिर भारत कहलाना है।।

रचयिता।।एस के कपूर “श्री हंस”

बरेली।।

©. @. skkapoor

सर्वाधिकार सुरक्षित

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