साहित्य

सावित्री का जन्म मनायें

ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति

 

सावित्री का जन्म मनायें l
उनकी शिक्षा को अपनायें ll

जन्म कृषक के घर में पाकर,
उन सी कुछ खेती कर जायें l

नित शिक्षा की खेती करके,
भारत को शिक्षित कर जायें l

उनके जैसा शिक्षक बनकर,
सबको उत्तम पाठ पढ़ायें l

था नारी का पढ़ना दूभर,
ऐसे में वह पढ़ने जायें l

सबको शिक्षित करने के हित,
उनके जैसा कष्ट उठायें l

हर विरोध का कर मुकाबला,
नारी को शिक्षित कर जायें l

चलो गाँव की ओर बढ़ें हम,
हर अनपढ़ को नित्य पढ़ायें l

जन्म मनाना तभी सफल हो,
जब सबको शिक्षित कर पायें l

‘ईश्वर’ यह सम्भव तब होगा,
जब हम अपना कदम बढ़ायें l

ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति, मेंहदावल, जिला. संत कबीर नगर (उत्तर प्रदेश)

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