साहित्य

मजदूर दिवस

लाल बिहारी लाल

मजदूर हर काम को,देते सदा अंजाम।

चाहे कोई कुछ कहे, लेते नहीं विराम ।1।

इनके ही सम्मान की , बाते करते लोग।

इनके नहीं नसीब में,जीवन को ले भोग।2।

कहीं तोड़े पत्थर तो, कही तोड़ते हार।

लाल तरस नही खाये,अजब गजब ब्यवहार।3)

पल-पल करते चाकरी ,रोटी खातिर रोज।

लाल जाने कब आये,जीवन में सुख भोग।4।

मजदूरों के जोग से दुनिया बनी महान।

चाहे बात विनाश की या हो फिर निर्माण।5।

वरिष्ठ साहित्यकार,नई दिल्ल-44

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