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साहित्य
राजनीतिक, प्रशासनिक,धार्मिक,विधिक और नैतिक -व्यवस्था का गिरता हुआ स्तर
1.)हर समय पर दूसरों की सहायता के लिये उपलब्ध होकर हम खुद अपने लिये मुसीबत पैदा करते हैं।हर समय पर…
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साहित्य
गीत
बीड़ी में कश मार-मार कर, चस्का खूब लगाया । खेल-खेल में मित्रों ने भी, मुँह से धुआँ उड़ाया ।।१।। ✍️…
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साहित्य
राम प्राणनाथ हमारे
राम-चंद्र हैं जीवन-नभ के, आशा-दीपक ज्योति महान। भक्ति-सरिता बहती उर में, पाकर उनका शुभ वरदान॥ मन-मंदिर के देव वही…
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गजल सृजन
हो गया प्यारा मुझे वह नाम से, मन महक उठता सदा श्रीराम से। प्रेम की खुशबू मिली बस धाम…
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साहित्य
ख़ुशी
बहुत दिनों बाद पकड़ में आई… “खुशी”..तो पूछा ? कहाँ रहती हो आजकल…. ? अब तो मिलती भी नहीं..? जवाब…
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साहित्य
ग़ज़ल
तुम्हारे ख्यालों की महक जो उड़ी , मेरी धड़कनों की वो ग़ज़ल बन गई। ख्वाबों के आंगन में खिलती…
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साहित्य
नौ तपा
नौतपा साल के वे 9 सबसे गर्म दिन होते हैं जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। इस दौरान…
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साहित्य
मेरा ख्याल, चिन्ता, आदर
मेरे इतने बड़े जीवन में , उम्र के 68 साल में यदि कोई मिला मुझे निस्वार्थ तो वह तुम थीं,…
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साहित्य
एक राष्ट्र, एक न्याय व्यवस्था की ओर
भारत विविधताओं का देश है। यहाँ अनेक धर्म, भाषाएँ, परंपराएँ और संस्कृतियाँ सदियों से साथ-साथ विकसित होती रही हैं। यही…
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साहित्य
दी ग्राम टुडे न्यूज़ पोर्टल मंच
आज कविता पर कुछ लिखना है जो शब्दों और भावनाओं का ताना -बाना बुनती है वही कविता है जो हर…
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