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साहित्य
माँ के हाथ
जब थक कर घर लौटता हूँ, दरवाज़े पर नहीं, माँ की आँखों में दिया जलता मिलता है। पूछती नहीं…
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श्रीराम कथा में भी मंद-मंद मुस्काते भोले
गांधीनगर इन्दौर – विगत दिवस गांधी नगर श्रीराम मंदिर परिसर के विशाल कक्ष में आचार्य पं. विरेंद्र शर्मा नें श्रीराम…
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साहित्य
गीत
मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे में, बाँट दिया भगवान को। जाति धर्म की दीवारों से, खो बैठे पहचान को।। स्वार्थ भावना…
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साहित्य
अधूरी कविताएँ
कभी जिक्र किया नहीं तुमने कहा नहीं उन प्रेम पत्रों में किस्से कहानियाँ और कविताएँ अधूरी लिखी हुई हैं मैंने…
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साहित्य
पत्रकारिता दिवस पर
क़लम पकड़कर सच लिखना बेहद ज़रूरी। बिकता जब ईमान, तड़पती है मज़बूरी। लोकतंत्र का स्तंभ आज क्यों डगमगाता? टीआरपी की…
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साहित्य
हकीकत
बारिश में जो घर चुवे, भोर भये तकरार। जाया कर्कश बोल से,करे अतिथि सत्कार।। करे अतिथि सत्कार, पुत्र स्वच्छंदी होवें।…
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साहित्य
वह खाली आसन
आज फिर आपकी पुण्यतिथि है, पिता! और समय की लंबी नदी के किनारे बैठा मैं अपनी ही परछाइयों से प्रश्न…
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साहित्य
दोराहा
“दोराहा” चलना ही मेरी ज़िंदगी, रुकना है मौत मेरी। दोराहे पर खड़ी हूँ, बस इकराह है पकड़नी। जिस राह…
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साहित्य
प्रेम प्यास है
रचित गीत संगीत शारदे। ललित राग का ज्ञान शारदे सरल भाव का प्रेम है जहाँ। अमित रीति का प्यार है…
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साहित्य
मर्यादा की सीमा कभी लाँघना नहीं
मर्यादा न क़ैद है, न दीवार, ये है संस्कार की ऊँची मीनार, बोलने से पहले तोले शब्दों को, समझो रिश्तों…
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