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साहित्य
चंद दोहा मुक्तक
ओम् मंत्र है आदि से,बना जगत आधार। अनहद ध्वनि गुंजन करे, चेतनता विस्तार। निराकार शुचि रूप है, शंभु करें कल्याण,…
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साहित्य
वो उसके लिखे हुए ख़त
वो उसके लिखे हुए ख़त, आज भी महकते हैं। सूखे हुए गुलाबों में जाने कितने सावन रहते हैं। जब-जब…
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साहित्य
शिव महिमा
ऊॅं आदि अनादि है अनंत सर्वत्र है जगत आधार हैं। शिव चेतन ऊर्जा, ऊर्ध्वाकार काल का विस्तार हैं।। —- ऊॅं…
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साहित्य
जीवन के सच्चे पथ प्रदर्शक
माता-पिता जीवन का आधार हैं, उनके बिना सपने भी बेकार हैं। माँ की ममता छाँव सी ठंडी, पिता का साया…
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साहित्य
गुरु – शिष्य
रत्नेश बारहवीं कक्षा का छात्र था। दुर्भाग्यवश वह कुंसगति में पड़कर मद में चूर रहने लगा और अपने सहपाठियों के…
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हिंदी है हम
‘हिंदी ‘भाषा पर हमें अभिमान है यही हमारी संस्कृति हमारी पहचान है हिंदी जैसी मीठी कोई भाषा नहीं कोई कवि…
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साहित्य
नौतपा गर्मी
जेठ का महीना आया, सूरज आग उगलने लगा, धरती तवे सी तपती, नौतपा रंग दिखाने लगा। सुबह दस बजे से…
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साहित्य
बातों से मारो गोली
हथियार उठाने से पहले, ज़रा बातों से मारो गोली, लफ्ज़ों में भी ताकत है, दिल को छलनी कर दे बोली।…
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साहित्य
पर्यावरण बचाओ, कहर हटाओ
नदी का पानी काला हुआ जाए, हवा में ज़हर रोज़ घुला जावीए। पेड़ कटें और कंक्रीट उग आए, तो धरती…
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साहित्य
विश्व हिंदी पत्रकारिता दिवस
30 मई का दिन है आया, ‘उदन्त मार्तण्ड’ याद दिलाया। पहला पन्ना हिंदी का छपा, तभी से सच का सूरज…
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