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साहित्य
पर्यावरण संरक्षण
1 वृक्षों से ही हमारे जीवन में आती हरियाली है। प्रकृति पोषित और हर ओर होती खुशहाली है।। पर्यावरण सरंक्षण…
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साहित्य
जगत कल्याण की कामना
कामना हो जगत के कल्याण की। ना कभी सोचे किसी के अपमान की। क्रूरता कभी किसी के साथ करें नहीं।…
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साहित्य
गुज़र न जाए अपना जीवन यूँ ही
कल आज और कल की परिधि में, टिका हुआ है सबका जीवन। गत की सोच में कल की खोज में,…
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नहीं फर्क पड़ता किसी को
अंजाम था बच्चा मां की मौत से। मां की बंद आंखों को निंद समझ बैठा पकड़ कर मां की साड़ी…
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साहित्य
दो जून की रोटी आधार
दो जून की मिले जब रोटी, आज की मंहगाई में। चाहत इतनी सी है मेरी, मिल जाए ॲंगनाई में।। …
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साहित्य
विश्व दूध दिवस
विश्व दूध दिवस पर सुन लो, दूध है जीवन का आधार, सेहत, शक्ति, खुशियाँ देता, इससे महके हर परिवार। …
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बेटी
वह आती मुस्काती मन को भाती बेटी प्यारी हमारी। उपहार ये निराला ईश्वर का प्यारा पाया हमने दुलारा। …
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माँ का आँचल
ओ माँ तू तो है अनुपमेय! तेरा सानी नहीं कोई जग में। फिर क्या बात करूँ तेरे आँचल की, वह…
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दिल का आईना
दिल नहीं है कोई पत्थर की सिल्ली, ये तो कच्ची मिट्टी का दिया है। हवा के झोंके से डरता है,…
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साहित्य
सफ़र के निशां
कुछ सिखाकर चल दिए तो कुछ हँसाकर चल दिए, ज़िन्दगी की राह में वह गुल खिलाकर चल दिए। कौन कहता…
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