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साहित्य
मालवा की पावन धरती पर
मालवा की पावन धरती पर, एक दिव्य किरण जब आई थी, गांव चौंडी की मिट्टी ने, अहिल्या रूप में लाज…
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साहित्य
नशा
नशा करोगे जीवन का विनाश करोगे। नशा करोगे धन संपत्ति से कंगाल रहोगे। नशा करोगे अपने गृहस्थ जीवन से दूर…
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साहित्य
विश्व तंबाकू निषेध दिवस
तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो” तंबाकू है एक धीमा ज़हर, जो जीवन को करता बेअसर। पहले आदत, फिर लत बन जाती,…
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साहित्य
जहां प्रश्न खो जाते हैं, और उत्तर विलीन हो जाते हैं’
पूरी सृष्टि का अदृश्य केंद्र प्रेम है, जो मात्र एक भावना नहीं बल्कि वह ब्रह्मांडीय गुरुत्त्वाकर्षण है, जो अस्तित्व को…
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साहित्य
मिल गए नैन भोले
भोले से मिल गए मेरे नैन, मिल गया हमको कितना चैन, नहीं मिलते जब भोले तो, ये मन हो जाता…
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साहित्य
अंत ही प्रारंभ
मनोमस्तिष्क में है एक ही बात, अंत से ही तो आया है प्रारंभ। न आता पतझड़,न होता बसंत, न आती…
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साहित्य
ग़ज़ल
जहाँ तक भी नजर जाती सियासत ही सियासत है। मुहब्बत की जगह हरआँख में केवल अदावत है।। नशा दौलत…
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साहित्य
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साहित्य
नशे से मुक्ति, जीवन की शक्ति”
विश्व तंबाकू निषेध दिवस हमें संदेश देता है, हर इंसान को स्वस्थ जीवन का रास्ता दिखाता है। तंबाकू सेवन और…
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साहित्य
वृद्धाश्रम क्यों बढ़ते क्यों जा रहे हैं
बेटा नौकरी पर शहर चला गया, माँ-बाप का घर सूना पड़ा गया। बहू को सास की बात चुभने लगी, रिश्तों…
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