साहित्य
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सब लूट गये—हास्य-व्यंग्य
कई साल तक चक्कर मारने पर भी सरकारी काम मेरा अटका रहा। बहुत कोशिश की पैडल मारी,वही ढाक के तीन…
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गीत
सर्दी के मौसम से पाया छुटकारा। होली की मस्ती में झूमा जग सारा। फागुन ने रंग सजाया डूबे आँगन। ढोल…
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एस के कपूर”श्री हंस”
** वह सबके दिल में बसते जो मीठा बोल लेते हैं। सब उनको ही चाहते जो कानों में मिश्री घोल…
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शुमार
जाने कितने सवाल करते हैं अजनबी लोग हैं नफ़रत की बात करते हैं!! फूलों के चमन में रहते हैं दुनिया…
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समाज की दर्पण
तुम्हारी हूँ अल्फाज तुम्हारी मैं आवाज सर पे कफन बनी मेरी एक सरताज कलम की सिपाही , हूं…
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श्याम रंग में रंग चुकी मैं
श्याम रंग में रंग चुकी मैं । सब करते हैं मुझ पर हासी, जग की बातें भूल चुकी मैं ।।…
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संस्मरण 25 वें वैवाहिक वर्षगांठ का अनमोल उपहार
15 फरवरी ‘2026 को मेरी 25 वीं वैवाहिक वर्षगाँठ पर बेटियों ने सत्य नारायण भगवान की कथा का आयोजन किया।…
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निकटता की सतह के नीचे पसरी अदृश्य दूरी,,,,
कभी-कभी हम रहते हैं साथ-साथ, एक पल के लिए भी छूटता नहीं हाथ। एक राह पर चलते हैं हम हमराही,…
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आदित्य मृत्यु होना निश्चित है
मन के अंदर संघर्ष-द्वन्द्व पर चेहरे पर छायी रहती है मुस्कान मधुर, जीवन जीने का सरल सहज पथ, जीवन रंगमंच…
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चलो रूमानी हो जायें
चलो थोड़ा रूमानी हो जायें मौसम भी थोड़ा सर्द है, हवाओं में भी मादकता है, और…., चाँदनी भी सर्द है,…
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