साहित्य
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सात रंगों सा सजा हमारा साथ
सात सालों का ये प्यारा सा सफर, हर पल में बसा है तुम्हारा ही असर। खुशियों की धूप हो या…
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रूठना
अब के रूठो तो पहले मार देना मुझको अहम इन्सान के आसानी से, कहांँ मरते है!! तुम्हें क्यों ज़िद है…
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पुनर्विचार
रात गई बात गई,बीती सब बात गयी पर कुछ बातें जज्बातों में उलझकर टूट गई फिर दरकिनार करते करते बातों…
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परशुराम जी शत-शत नमन
आज है अक्षय तृतीया मंगल पावन दिन, आज ही तो बिना विचारै होते शुभ लग्न। आज परशुराम जयन्ती करें शत-…
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गीतिका
राहें जो, मिल गई हैं, आगे बढ़ें सफर में। आया न, जो अभी तक, वो ढूँढ लें भँवर में। सच्चाई,…
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परशुराम सा अक्षय बनिये
परशुराम सा अक्षय बनिये l सभी काम नित वैसे करिये ll जन्म दिवस पर शंभु शिष्य के, शंभु-शंभु जप मिलकर…
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अंतर्द्वंद्व
लगती है आग कलेजे में,तूफान तभी तो उठता है, खोटी खरी बात सुनता जब,क्रोध तभी तो उमड़ता है, क्या कर…
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रंग
बेरंग सी दुनियां में, रंग भर देती हैं आज़ादी।। अपने ओर सबके मन में , ला देती है खुशियां आज़ादी।।…
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जीवन से पहले
जीवन से पहले और मौत के बाद, रहता है क्या किसी को कुछ भी याद। हर याद जीवन की है…
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कविता
जीवन के तमस -पुंज और दुर्गम पथों में, आदितीय ज्योति पुंज बनकर आए हो तुम। संध्या बेला की मुखर खामोशियों…
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