साहित्य
-
ये अलार्म।न होता तो क्या होता : एक मार्मिक कविता
ये अलार्म न होता क्या हम सुबह उठ पाते, नींद के मीठे सपनों में ही दिन को बिताते। न काम…
Read More » -
गुल्लक
घर घर में होता गुल्लक बच्चों केलिए मनी बॉक्स कुछ बॉक्स मिट्टी से बने हैं वे विभिन्न रंग रूप होते…
Read More » -
दोहे जगदीश के
वचन नहीं कटु बोलिए, मधु सम वाणी राज। और जगत के सामने, हो मीठी आवाज।। कहते सच जगदीश हैं, जरा…
Read More » -
भगवान परशुराम जयंती
परशुराम भगवान का, जन्मोत्सव है आज, अक्षय तृतीया पुण्य तिथि, शुभ होते सब काज। शुभ होते सब काज, न बाधा…
Read More » -
सात रंगों सा सजा हमारा साथ
सात सालों का ये प्यारा सा सफर, हर पल में बसा है तुम्हारा ही असर। खुशियों की धूप हो या…
Read More » -
रूठना
अब के रूठो तो पहले मार देना मुझको अहम इन्सान के आसानी से, कहांँ मरते है!! तुम्हें क्यों ज़िद है…
Read More » -
पुनर्विचार
रात गई बात गई,बीती सब बात गयी पर कुछ बातें जज्बातों में उलझकर टूट गई फिर दरकिनार करते करते बातों…
Read More » -
परशुराम जी शत-शत नमन
आज है अक्षय तृतीया मंगल पावन दिन, आज ही तो बिना विचारै होते शुभ लग्न। आज परशुराम जयन्ती करें शत-…
Read More » -
गीतिका
राहें जो, मिल गई हैं, आगे बढ़ें सफर में। आया न, जो अभी तक, वो ढूँढ लें भँवर में। सच्चाई,…
Read More » -
परशुराम सा अक्षय बनिये
परशुराम सा अक्षय बनिये l सभी काम नित वैसे करिये ll जन्म दिवस पर शंभु शिष्य के, शंभु-शंभु जप मिलकर…
Read More »