साहित्य
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अंतर्द्वंद्व
लगती है आग कलेजे में,तूफान तभी तो उठता है, खोटी खरी बात सुनता जब,क्रोध तभी तो उमड़ता है, क्या कर…
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रंग
बेरंग सी दुनियां में, रंग भर देती हैं आज़ादी।। अपने ओर सबके मन में , ला देती है खुशियां आज़ादी।।…
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जीवन से पहले
जीवन से पहले और मौत के बाद, रहता है क्या किसी को कुछ भी याद। हर याद जीवन की है…
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कविता
जीवन के तमस -पुंज और दुर्गम पथों में, आदितीय ज्योति पुंज बनकर आए हो तुम। संध्या बेला की मुखर खामोशियों…
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सुख-दुख हमको प्यारे हैं
सुख-दुख के पाटों के भीतर, जीवन के मझधारे हैं। विचलित होते नहीं कभी हम, सुख-दुख हमको प्यारे हैं॥ सुख-दुख के…
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भृगु परशुराम
कहीं शास्त्र की गरिमा है, तो कहीं शस्त्रों की ज्वाला है, वही संहारक है शिव का अंश, तो अमृत का…
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कृतिकार, समरस संस्थान एवं जकासा की संयुक्त गोष्ठी सम्पन्न
श्री भैरोंसिंह शेखावत सभागार, चैंबर भवन, जयपुर में कृतिकार, समरस संस्थान एवं जकासा की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन श्री…
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गुरु जी आयेंगे
मेरी कुटिया में गुरु जी आज आयेंगे, मेरे सोए हुए भाग्य भी जग जायेंगे। धूल भरे आँगन में दीपक सजाऊँ…
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परशुराम जयंती वंदन
भृगुवंशी तेज प्रखर जिनका, जिनका दिव्य उजास, धर्मरक्षा हित उठा फरसा, अन्यायों का नाश। जिनके मन में तप की गंगा,…
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अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया जिसे आखतीज भी कहते है यह वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला…
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