साहित्य
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डॉ भीमराव अम्बेडकर जी
धन्य हुए सब भारतवासी, उन्नत मांँ का भाल हुआ । पुण्य धरा पर जन्म लिया जो,ऐसा माँ का लाल हुआ।।…
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इंतजार
इंतज़ार जो है वही तो नहीं होता, कब तक करूँ इंतज़ार… पर करनी पड़ती है इंतज़ार, हर घड़ी, हर घड़ी,…
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चापलूसी से बना वरिष्ठ लेखक (हास्य-व्यंग्य)
मैं एक वरिष्ठ लेखक बनना चाह रहा था। ज्यादा दिन से नहीं लिख रहा हूँ पर मैं एक महत्वाकांक्षी लेखक…
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शिक्षा क्या है
शिक्षा क्या है? एक प्रकाश…, जो हर लेता मन का अंधकार। अज्ञानता का अंधेरा मिटाकर, भर देता जीवन में उजियार। शिक्षा क्या है?…
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ध्रुव तारे
नेत्रदान कर देखा करते रक्तदान कर जान बचाते अंगदान कर जीवित रहते इतना ही हम समझे प्यारे दूर करो अज्ञान…
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देहरी
लज्जा नारी का आभूषण थी,जिसे घूंघट में वह रखती, देहरी द्वार की लक्ष्मण रेखा,पार नहीं कर सकतीं,, इज्जत घर की,नारी…
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चलो हम भी शायर बन जाते है
चलो हम भी शायर बन जाते हैं, तेरे नाम के दीप जलाते हैं, हर धड़कन को सुर में ढालकर, तेरे…
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मुझे मिल गया मन का मीत
मुझे मिल गया मन का मीत हुई मेरी जीत, जगी मेरी प्रीत कि मन मेरा खिल सा गया । मुझे…
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नारी
ममता की मूरत नारी, धीरज धरा समान। आँचल में आकाश सा, चरणों में विश्राम॥ पीड़ा सहकर हँस पड़े, ऐसा उसका…
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चित्र और चरित्र
चित्र और चरित्र को कह दूँ कैसे समभावी हैं भाई, मुल्यांकन में यदि तुम चूके तो कैसे होगा भरपाई? देखा…
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