साहित्य

  • ग़ज़ल

    तुम से मिलकर ये वक्त गुजर जाता है दो घड़ी के लिए ये वक्त किधर जाता है। ढ़ूँढ़ता हूँ मैं…

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  • राजनीति से ऊपर मानवता

    मतभेदों की आँधी में भी, जब शीतलता मुस्काती है, वहीं कहीं मानवता की, सच्ची ज्योति जगमगाती है। वाणी में चाहे…

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  • म्हारे हनुमान

    म्हारे हनुमान नि रथ सवारी, देखें बाल–बच्चे ओर नर – नारी। हनुमान हैं वीरों के वीर , डर भागे उनसे…

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  • वाक्या

    क्या बताएंँ कि क्या वाक्या है दिल में एक दर्द सा उठता रहा है!! कोई उनसे यह जाकर पूछे मेरे…

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  • मेरे जज्बात

    मुझे समझना हर किसी की, बात नहीं, चेहरे से मन का अंदाज, नहीं लगता। मैं वो कोरे पन्ने की किताब…

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  • हनुमान

    देवों में देव अकेले हनु जी,दो बार मनाते जन्म दिवस एक तो कार्तिक चतुर्दशी,दूजी चैत्र पूर्णिमा है यही दिवस प्रभु…

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  • हे -महाबली वीर हनुमान

    चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को दिवस था मंगलवार…., पिता केसरी -माँ अंजना के घर, जन्म हुआ -पवन…

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  • वीर हनुमान

    वीर हनुमान बल बुद्धि के धाम राम दूत संकट हरने वाले महान पवनपुत्र अजर अमर अतुलित बलशाली वीर लंका जाकर…

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  • हँसी का बैंक

    आज खुला है बैंक निराला, नाम है इसका “हँसी का ताला”। नोट नहीं, यहाँ ठहाके चलते, मूर्ख दिवस पर सब…

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  • रामदूत हनुमान

    हनुमान जयंती आई घर घर में खुशियां मनाई। अंजनी जिनकी माता है। केसरी नंदन उनके पिता हैं। आज रामदूत हनुमान…

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