साहित्य
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कलह
कलह बढ़ी तकरार हो गई। बेमतलब की रार हो गई।। गुस्से में जो निकला मुख से। बात वही तलवार हो…
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नज़ाकत
तेरी हर अदा में कोई नज़ाकत सी है, जैसे कली में छुपी कोई आहट सी है। तेरी चाल में जैसे…
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शीतला महारानी की जै जै बोलो
शीतला महारानी की जै जै बोलो गर्दभ पै हैं सवार कि जै जै बोलो शीतला….. खुद ही आएंँ खुद ही…
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तेरे करीब
जब भी तू सामने आती है, दिल की धड़कन बढ़ जाती है। तेरी आँखों की उस गहराई में, मेरी दुनिया…
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शीतला माता भजन
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता, सर्दी-ताप सब दूर कर, सुख-शांति लाए। जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता,…
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लघु कहानी- धुँधलाते रिश्ते
मनोहर बालकनी में पिछले एक घंटे से अकेले बैठे थे। अखबार भी कितना ही पढ़ते? शब्दों एवं ख़बरों की भी…
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कोई नहीं अपना है……..
बहुत रिश्ते टूटे हैं धागों कि तरह , रहती हैं बहुत सी समस्या पर कोई हल नहीं, मैने तो इतना…
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बागवाँ बर्बाद करने के लिये
बरबाद गुलिस्ताँ करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी है, हर साख पे उल्लू बैठे हैं, अंजामें गुलिस्ताँ क्या होगा?…
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दिल की प्यास
दिलो-दिमाग में बस एक ही आस है, लगी तो मुझे बस तेरे दर की प्यास है। उर में लगी मुझ…
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हर धुन के ज्ञाता भोले
मैं वीणा के इन तारों में, भोले की धुन भर दूंगा, महक उठेगा आंगन सारा, मन भर चंदन धर दूंगा।…
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