साहित्य

  • सरसो झूमें खेत में

    सरसो झूमे खेत खेत में,मौसम है ऋतु बसन्त। मह-मह महके सभी डालियाँ,शीतलता का अन्त। सुमन-सुमन पर तितली घूमें,नर्तन करते मोर।…

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  • छात्र का गुण

    छात्र को सरलता से युक्त नम्रता का भाव रखना चाहिए मृदु वाणी कंठ से निकले श्रध्दाभाव हो विद्या ग्रहण करने…

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  • नशा

    ये -धुआँ भी चीज अजीब है नशा इसका बेमिसाल है, जकड़ता है लोगों को गिरफ्त में धीरे -धीरे, ये -धुआँ…

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  • ऋतुराज वसंत

    पीले वस्त्र पहन आया बसंत, देता मधुर संदेश, धरा महकी,गगन धवल, शिशिर को भेजे परदेश। खेत खलिहानों ने ओढ़ी पीत…

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  • ये गरीबी और आज का आदमी

    ये गरीबी और आज का आदमी, हर रोज़ नए ज़ख़्म सिलता है आदमी। सपनों की गठरी कंधे पर ढोए, रोटी…

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  • एक ख़्वाब देखा

    एक ख़्वाब देखा मैंने भी सखी, कि मेरा भी अपना एक मान हो, महज़ वजूद ही न हो मेरा, मेरी…

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  • श्यामल तन शोभा मधुर

    श्यामल तन शोभा मधुर बालरूप सुपुनीत। शर-धनु शोभित कर युगल टपकत मधु-नवनीत।। नव कोंपल सम मृदुल अंग बरसत नैनन जोत।…

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  • दहेज़ भगाओ बेटियां बचाओ

    बेटियाहै। घर की शान है,बेटियां ही अभिमान है ,देश के दहेज़ के लोभियों से बेटियों को बचाना है,दहेज़ को दूर…

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  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस

    तरुणों के होश में जोश भरकर देशभक्ति की भावना प्रबल कर किया आजाद हिन्द फौज गठन जापान संग कर लिया…

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  • माँ… अगर तू न होती

    माँ, अगर तू न होती तो शायद हर सुबह उठने की कोई वजह ही न होती। तेरी हथेली की ऊष्मा…

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