
न्यूयार्क – मेटलाइफ स्टेडियम में गत रात्रि फीफा फुटबॉल विश्व कप महाकुंभ में फुटबॉल का सारा जुनून,उसका रोमांच,और उत्तेजना के साथ दिल की धड़कनों को लगातार असंयत करने वाले पल अपनी उपस्थिति का अहसास दिला रहे थे तो कहीं दर्शकों के उमड़ते जन-सैलाब को आंदोलित कर रहे थे। स्टेडियम में प्रत्यक्ष साक्षी बनें दर्शक और टीवी पर लगभग 180 करोड़ दर्शकों को अपनी पलकें झपकाने का भी मौका नहीं मिला,पर जब खेल समाप्ति का अंतिम हूटर बजा तो स्पेनिश खेमें में जश्न का माहोल था तो गत विश्व कप विजेता अर्जेंटीना के लिए गहरी खामोशी के पल,मानों उसका सब कुछ लुट गया हो।
स्पेन ने 1-0 के स्कोर पर अपना दूसरा विश्वकप जीतकर विश्व कप फुटबॉल के सर्वोच्च शिखर पर अपने देश की परचम फिर लहरा दी।
48 टीमों के बीच सर्वश्रेष्ठता की जंग के बीच पहले चरण में कोई अप्रत्याशित परिणाम सामने नहीं आया। नाक आउट दौर के अंतिम 32 में पराग्वे नें जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से, पुर्तगाल नें क्रोएशिया को 2-1 से शिकस्त देकर जरूर उलटफेर किया।
प्री-क्वार्टर फाइनल में मोरक्को नें कनाडा को 3-0से,इंग्लैंड ने मैक्सिको को 3-2 से और अमेरिका को बेल्जियम नें 4-1 से परास्त कर तीनों मेजबानों के सफर पर विराम लगा दिया।
वहीं स्पेन के मेरीनो नें 90+1 मिनट में गोल कर पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो की उम्मीदों को खत्म कर दिया। रोनाल्डो ने इस विश्व कप में 3 गोल किए।
यह उनका छठा विश्व कप था। उनके नाम सभी छह विश्व कप में गोल करने का दुर्लभ रैकार्ड दर्ज है।
अब बारी थी क्वार्टर फाइनल मुकाबलों की,जहां फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से,स्पेन नें बेल्जियम को व इंग्लैंड ने नार्वे को 2-1 के समान अंतर से हराकर सेमीज में प्रवेश किया। अर्जेंटीना नें स्विट्जरलैंड को 3-1 से निराशा के भंवर में डूबने के लिए विवश किया।
सेमीज में स्पेन नें फ्रांस को एकतरफा मुकाबले में 2-0 से पराजित किया,ओयार्जाबेल व पेड्रो पोरो ने गोल किया,तो एक रोमांचक मोड़ पर 85 मिनट तक 0-1 से पीछे रहने वाले अर्जेंटीना नें इंजो फर्नाडीज के 85 मिनट में व ल्यू मार्टिनेज 90+2 मिनट में किए गोल से फायनल में प्रवेश किया।
हालांकि तीसरे स्थान के मेंच में इंग्लैंड ने फ्रांस पर 6-4 से जीत दर्ज कर गत पराजय पर मलहम जरूर लगाया।
फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों ने बेहद आक्रामक व संघर्ष पूर्ण खेल से दर्शकों को खेल की भरपूर दावत दी,पर जीत की अंतिम मोहर लगाई स्पेन नें। निर्धारित समय तक कोई टीम गोल नहीं कर सकी।अतिरिक्त समय के 106 ठे मिनट में एफ.टोरेस ने हेडर से मिले पास पर दनदनाता विजयी गोल किया।मेसी की अर्जेंटीनाई टीम के प्रयास नाकाफी रहे। स्पेनिश टीम को चमचमाती ट्राफी के साथ लगभग 491 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि भी मिली।
फ्रांस के एम्बापे सर्वाधिक 10 गोल करने में सफल रहे।तो मेसी का सफर 8 गोल पर खत्म हुआ।
निश्चय ही देशों की हार जीत तो चलती रहती है पर असल जीत तो खेल की हुई,कुछ अपवादों को छोड़ कर यह विश्व कप अपनी यादगार उपस्थिति दर्ज करने में सफल रहा।
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समीक्षक- कार्तिकेय त्रिपाठी इन्दौर




