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साहित्य
गर्मी के दोहे
गर्मी भीषण पड़ रही, अंदर बाहर भाप। कहर ढा रहा आज भी, सूर्य देव का ताप।।1 जीवन के संघर्ष…
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साहित्य
ये शहर के लोग बड़े मतलबी होते है
ये शहर के लोग बड़े मतलबी होते हैं चेहरों से मीठे मगर अंदर से खोटे होते हैं दिल के करीब…
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साहित्य
अलिखित कविता’
मैंने कुछ कविताएँ कल लिखने के लिए छोड़ दी हैं जो मुझे आश्वासन देती हैं कि मैं कल भी ज़िंदा…
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रह गुज़र
चले जा रहा हूंँ ना मंज़िल का पता है ना रास्तों का, मंज़िल मिलेगी या नहीं किसको पता, तनहाई में…
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साहित्य
अगर शब्दों को आँसू आते
अगर शब्दों को आँसू आते -तो…! हर अधूरी कहानी भीग जाती, जो बातें हम कह नहीं सकते, वो कागज़ पर…
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साहित्य
विश्व पर्यावरण दिवस
1. पौध रोपते फोटो खिंचवायी फिर पौधे पर ध्यान नहीं । अखबारों में सुर्खियाँ पायी एक झलक मुड़ देखा नहीं…
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साहित्य
प्रकृति और संतुलन
प्रकृति का संतुलन एक पारिस्थितिक सिद्धांत है जो बताता है कि प्रजातियों के बीच परस्पर क्रिया (जैसे शिकारी-शिकार) और पर्यावरणीय कारक…
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साहित्य
खबसूरती के दाग़
कितने ही डालियाँ सजी होंगी फूलों से, कितने ही फूलों की डोली, उठी होंगी भॅंवरों से… कितने ही फूलों…
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साहित्य
हनुमान जयंती विशेष
हे महावीर, चिरंजीवी, पवनसुत रामदूत हनुमान जी। कर देना पूर्ण सबके काम जी। श्रीमंत बुद्धि, विद्यावान सिंदूर चढ़ाएं,पूजन करें करते…
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साहित्य
मेरी पहचान
मेरी पहचान मेरी पहचान किसी नाम की मोहर नहीं, न ही चेहरे की झलक भर— मेरी पहचान तो मेरे…
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