साहित्य
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तरुण तृषा मिट जाये
पेंग बढ़ाकर नभ को छू लें, आओ झूला झूलें। अमराई में खेलें कूदें, छल प्रपंच को भूलें॥ चुनिया मुनिया संग…
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कब तलक ख़ुदकुशी नहीं करनी
अंजली’ काग़ज़ी नहीं करनी l ऐसी भी शाइरी नहीं करनी l हौसला साथ कब तलक देगा, कब तलक ख़ुदकुशी…
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दिल के अंदर उतर गया कोई
दिल के अंदर उतर गया कोई ज़ख़्म चुपके से भर गया कोई याद आई थी कल ग़ज़ल बन के…
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अयोध्या
रामलला अति सुंदर लागे रजत सिंहासन वे विराजे पावन अयोध्या नगरी है सरयू यहां पर बहती है। बीते वर्ष…
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मुझको भी कुछ विराम चाहिए
पिता को अब सुकून थोड़ा चाहिए, माँ को भी शांत विश्राम चाहिए। जीवन की इस कठिन उलझन से, मुझको भी…
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सजल
बेकार ऐसा जीना ज़िल्लत की जिन्दगी ये दुनिया है खूबसूरत इज़्ज़त की जिन्दगी ये बेदाग देख चहरा मानिंद वो…
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जीवन में निर्झर दो
खुशियाँ सारी झुलस रही हैं, जीवन में निर्झर दो। पतझड़-सा है जीवन मेरा, उसको सावन कर दो॥ दुख के…
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पात्र से बात करती, पाठकों के दिल दिमाग में दस्तक देती है
देश में डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ एक ऐसे विरले महान् व्यक्ति कवि और कथाकार है जिनकी रचनाएं पत्रों से बात…
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सच्चा साहित्यकार कैसे बनें लेख
सच्चा साहित्यकार बनने के लिए खुद में एक त्याग की भावना होनी चाहिए। सरलता, सादगी और समाज के सबसे कमजोर…
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श्रीनिवास
हम नादान बालक है भविष्य केलिए नींव हैं देश प्रगति की रक्षक है देश के सुनागरिक बने है। देश…
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