साहित्य
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पात्र से बात करती, पाठकों के दिल दिमाग में दस्तक देती है
देश में डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ एक ऐसे विरले महान् व्यक्ति कवि और कथाकार है जिनकी रचनाएं पत्रों से बात…
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सच्चा साहित्यकार कैसे बनें लेख
सच्चा साहित्यकार बनने के लिए खुद में एक त्याग की भावना होनी चाहिए। सरलता, सादगी और समाज के सबसे कमजोर…
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श्रीनिवास
हम नादान बालक है भविष्य केलिए नींव हैं देश प्रगति की रक्षक है देश के सुनागरिक बने है। देश…
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माता (कुण्डलिया छंद)
माता तेरी छाँव में, मिल रहा सुख अपार। तेरी ममता से सजे, सुखी सदा संसार।। सुखी सदा संसार, कृपा मात…
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पहले खुद से प्यार करो गीत
आए नहीं बुलाने से जब, छोड़ो न इंतजार करो । ठेस लगे क्यों मन को बोलो, पहले खुद से प्यार…
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कोई हम में रहता तो कोईअहम में रहता है
कोई हम में रहता है तो कोई अहम में रहता है। कोई मैं ही मैं में रहता कोई बस वहम…
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लखनऊ अग्निकांड,,,106
आग की लपटों को देखकर, हो गए सब लोग हैरान। खिड़कियों से बाहर कूद कर, बच्चे बचा रहे थे जान।…
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मानसून
पती धरती, सूखे होंठ, आस का दीप बुझा-बुझा सा। फिर पुरवा ने भेजी पाती, घिर आए बदरा कजरारे सा।। …
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कलम की ताकत
कलम तलवार से तेज सच लिखती बेधड़क गाँव की आवाज़ बनकर दिल्ली तक पहुँचे बात झूठ के महल गिरती इंसाफ़…
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बच्चों की दुनिया
“नदी किनारे बसी थी दुनिया, बाल-गोपाल ने रची थी दुनिया। निकल झोपड़ी से आए सब मिलकर, इक आम्र वृक्ष लहराए…
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