साहित्य
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अंतिम गंतव्य
सांसों को तुम पकड़ लो ऐसा तो होता नहीं जिंदगी कब साथ छोड़ दे क्या पता कौन सी…
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महाकाल का जवाब
मैं क्या करूँ? कैसे समझाऊँ, अपने इस मन की पीड़ा को? कोई उपाय तो इस दर्द को मिटाए, इस…
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विश्वास
विश्वास जीवन एक अमूल्य वरदान है सुख दुखों से मुकाबला करना है धैर्य से जीवन परिपूर्ण बनता है विश्वास से…
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जून की रोटी
#शीर्षक_दो_जून_की_रोटी ना महल चाहिए, ना कोई ताज चाहिए मुझे तो बस, दो जून की रोटी पर नाज़ चाहिए सुबह से…
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बड़ी मुश्किल से मिलती है, दो जून की रोटी
बड़ी मुश्किल से मिलती है, दो जून की रोटी, गरीब की आँखों में पलती है, दो जून की रोटी। …
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बड़ी मुश्किल से मिलती है, दो जून की रोटी
बड़ी मुश्किल से मिलती है, दो जून की रोटी, गरीब की आँखों में पलती है, दो जून की रोटी। कोई…
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आईना
कहते हैं ,आईना झूठ नहीं बोलता, पर झूठा है ये आईना औ ये स्थूल नयन भी। मन की आँखें खोल…
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भोर का सपना,,,,,,
कहते हैं भोर का सपना सच होता है, जो चाहे ब्रह्मांड वह हमें दे देता है। बस प्रार्थना हो सच्चे…
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रिश्वतखोरी बंद हो, इसपर करे विचार।
*(भ्रष्टाचार)* दोहे ——- मौका ऐसा ढूढ़ता, नाम मुंगेरी लाल। काम वही करता सदा, जिससे आए माल।१। सिस्टम का पैसा यहाँ,…
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शब्दों की विनम्रता” : संवेदनाओं, संस्कारों का दस्तावेज़
“शब्दों की विनम्रता” : संवेदनाओं, संस्कारों का दस्तावेज़ ————————————– -ओमप्रकाश प्रजापति ( मुख्य सम्पादक- ट्रू मीडिया ) हिंदी कविता का…
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