
सपनों का सच हो जाना
जीवन है
अपनों का अपना हो जाना
जीवन है!!
अनबुझ पहेली है जीवन सारा
अपनों में थोड़ा बट जाना
जीवन है!!
कहने को बस एक छलावा है
जीवन है
मृगतृष्णा में खो जाना एक
जीवन है!!
बेवफ़ाई पर कब तक मातम हो
दिल में
लोगों को परखते जाना
जीवन है!!
दिल की बात लबों पर आकर
ठहर जाए
तुझसे मिलने का एक बहाना
जीवन है!!
कभी विरह की बात पर
मायूस होना
कभी अचानक तेरा मिल जाना
जीवन है!!
ज़िन्दगी का कोई भरोसा नहीं है
आज ज़िंदा है कल मर जाना
जीवन है!!
कभी ज़माने को अपने साथ रखना
कभी मिलकर भी ना मिल पाना
जीवन है
दुनियादारी ऐसी ही है जो
तुम समझो
खरे व्यक्ति को दोस्त बनाना
जीवन है!!
वक्त ने जीवन में जाने क्या
सोचा है
ग़ैरों को भी गले लगाना
जीवन है..!!
स्वरचित- राजीव त्रिपाठी
उदयपुर राजस्थान



